ताजा समाचारवायरलहरियाणा

गांव के पानी से शुरू हुई लड़ाई अब बड़ा राजनीतिक आंदोलन

सरकार ने बताई अपनी मजबूरी, लेकिन लोग अपनी मांग पर अड़े

Satyakhabarindia

 

सत्य खबर हरियाणा

Chanait village agitation : हांसी के गांव चैनत में ग्रामीणों का आंदोलन सोमवार को 45वें दिन में प्रवेश कर गया। गांव में हांसी जा रही भाखड़ा की पाईप लाईन से टी पॉइंट से पानी लेने की जिद इस आंदोलन का आधार है। इस आंदोलन में अब ग्रामीणों को दूसरी खापों और संगठनों का समर्थन मिलने लगा है। इस आंदोलन में अब राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस, इनेलो, जेजेपी और आम आदमी पार्टी को लगता है कि इस मुद्दे के सहारे वह अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक सकते हैं। वैसे राजनीति में इसे गलत भी नहीं कहा जा सकता क्योंकि विपक्ष का काम है जब कोई जन आंदोलन खड़ा होता है तो वह सरकार के खिलाफ विपक्ष के लिए एक अवसर जरूर बनता है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस के नेता और लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी का चैनत गांव का दौरा निश्चित किया जा रहा है और इस सप्ताह वह गांव में धरने पर आ सकते हैं।

क्या बोले मुख्यमंत्री

केंद्र सरकार किसानों की शान, सम्मान और समृद्धि में किसी प्रकार की कमी नहीं आने देगी : शिवराज सिंह चौहान

इस मामले में बीते सप्ताह चैनत में धरना चला रही कमेटी के सदस्य मुख्यमंत्री नायब सैनी से मिले थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अमृत-2 योजना के तहत बिछाई गई भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन से टी-कनेक्शन देना संभव नहीं है। इसके स्थान पर जल जीवन मिशन के तहत गांव के लिए अलग पाइपलाइन बिछाकर पेयजल उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया। उन्होंने साफ कहा कि अगर ग्रामीण उनके प्रस्ताव को मान लेते हैं तो हांसी से पहले चैनत गांव को भाखड़ा का पानी देना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अलग पाइपलाइन के साथ अलग बिजली लाइन, जनरेटर और अतिरिक्त क्षमता की मोटर लगाने की बात भी कही गई। मुख्यमंत्री ने गांव में विकास कार्य कराने तथा हिसार दौरे के दौरान चैनत आने का भी भरोसा दिया। इससे पहले हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री रणवीर गंगवा, हांसी के विधायक विनोद भयाना, डीसी राहुल नरवाल के साथ जो बातचीत हुई वह भी लगभग ऐसी ही थी।

रणबीर गंगवा का बयान

इस मामले में हरियाणा के मंत्री रणबीर गंगवा का कहना है कि देवीलाल कहते थे कि गांव के लोगों को बहकाना आसान है और समझाना मुश्किल। उनका कहना है कि अमृत-2 योजना केवल शहरों के लिए है और इसमें 60% पैसा केंद्र सरकार दे रही है और 40% पैसा हरियाणा सरकार का लग रहा है। इसमें टी लगाने से केंद्र सरकार से आने वाले फंड में दिक्कत आएगी। उन्होंने विपक्ष पर ग्रामीणों को बहकाने और उकसाने का आरोप भी लगाया।

क्या बोले राव नरेंद्र सिंह

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर चैनत गांव में पेयजल संकट और ग्रामीणों पर दर्ज एफआईआर को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि गांव के नागरिक लंबे समय से पानी की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान करने के बजाय उन पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए, जो उचित नहीं है। पत्र में राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार का दायित्व जनता की समस्याओं का समाधान करना होता है, न कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे नागरिकों को कानूनी कार्रवाई में उलझाना।
उन्होंने मांग की कि चैनत गांव में दर्ज सभी एफआईआर तुरंत वापस ली जाएं और इस पूरे प्रकरण में दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि गांव में पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार तत्काल प्रभाव से कदम उठाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
राव नरेंद्र सिंह के अलावा कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा, जयप्रकाश, नारनौंद के विधायक जस्सी पेटवाड़ सहित अनेक लोगों ने इस मामले में सरकार का विरोध किया है।

4 वर्ष से बच्चा 220 फुट 11 बोरवेल में गिरा, सेना ने संभाला मोर्चा

विपक्ष के अन्य लोगों ने भी जताया विरोध

इस मामले में आम आदमी पार्टी के अनुराग ढांडा और सुशील गुप्ता, इनेलो के अभय चौटाला, सुनैना चौटाला, जेजेपी के दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला ने सरकार से ग्रामीणों को पानी देने और मुकदमे वापस लेने की मांग की है।

45वें दिन स्थिति

समाधान निकलने के बजाय मामला और उलझता दिखाई दे रहा है। यदि जल्द आंदोलन को समाप्त करने की दिशा में कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन आने वाले दिनों में और उग्र रूप ले सकता है। हरियाणा के अन्य जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी लोग धरनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। पंजाब से भी पहले ही समर्थन मिल चुका है। धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना है कि उनकी केवल एक ही मांग है कि उन्हें शहर को जाने वाली पाइपलाइन से पेयजल उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि जब तक इस पाइपलाइन से पानी नहीं मिलेगा, तब तक धरना जारी रहेगा।

क्या कहते हैं ग्रामीण

फरीदाबाद में पनप रहा था व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल

ग्रामीणों का दावा है कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और हरियाणा के जींद जिले के उचाना सहित कई स्थानों पर शहरी पाइपलाइन से गांवों को पानी दिया जा रहा है। उनका सवाल है कि यदि अन्य जगहों पर ऐसा संभव है तो चैनत के ग्रामीणों को यह सुविधा क्यों नहीं दी जा रही। धरने को समर्थन देने पहुंचे भादरा के पूर्व विधायक बलवान सिंह पुनिया ने कहा कि सरकार को गांव के लोगों की मांग मानते हुए शहर को जाने वाली पाइपलाइन से पानी उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से सड़क पर बैठकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया है।

#Haryana #Hansi #WaterStruggle #PoliticalMovement #CommunityAction #SocialJustice #GrassrootsActivism #WaterRights #CivicEngagement #LocalLeadership #Empowerment #SustainableDevelopment #RuralIssues #PoliticalAwareness #Activism #ChangeMakers #UnityInAction #VoiceOfThePeople #CivicResponsibility #HaryanaPolitics

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button